हिंदी दिवस पर मैंने कुछ पंक्तियाँ लिखने का प्रयास किया है. आशा है आप सभी का प्रोत्साहन मिलेगा. .
मेरी कलम से
यूँ तो अनेकों भाषाएँ है इस धरती पर,
पर हिंदी मेरा अभिमान है. ..
हिन्द से जुड़े मेरे जीवन की,
हिंदी ही तो एक पहचान है…
अजब, अनोखे शब्दों से परिपूर्ण ,
स्वर, व्यंजन , अलंकारों से पूर्ण,
अंग- चन्द्रबिन्दु से सजी-सवरी ,
मेरी संस्कृति का वरदान है. ..
हिंदी मेरी राजभाषा ,
हिंदी मेरी शान है. .
हिंदी में चलती लेखकों की लेखनी..
हिंदी में ही कवियों की तान है…
हिन्द से जुड़े मेरे जीवन की,
हिंदी ही तो एक पहचान है…
आज हिंदी दिवस है. .
उदघोष करता तथ्य की..
हुआ परिचय विश्व से तो मिली एक पहचान है..
हिंदी गूंजी चहु दिशा में. .
हिंदी से हिंदुस्तान है…
हिंदी ही मेरा आचरण है. .
हिंदी ही मेरी जान है..
संस्कृत की बड़ी बेटी है,
जन-जन जोड़ने का तार है..
हिन्द से जुड़े मेरे जीवन की,
हिंदी ही तो एक पहचान है…
– रूचि जैन