Pearl In Deep
Passion to write

तेरे जैसा प्यार कहाँ part – 21

एक लम्हा गुजरता नहीं , कि दूसरा आ जाता हैं ,
हर बार मेरी परेशानियों को इतना क्यों बढ़ा जाता हैं।
एक चिंगारी काफी होती हैं कुछ भी जलाने के लिए ,
कोई बताये मुझे , मेरे दिल को उस चिंगारी से दूर कैसे रखू।।

“चियर्स—–“, सभी ने एक साथ अपने गिलास को टकराते हुए कहा और अपना अपना पेग मुँह से लगा लिया।
रवि ने अपना पूरा पेग एक साथ ख़तम करते हुए मस्ती में होते हुए कहा , “आहा — आज तो मजा आ गया वो भी इतने दिन बाद , नहीं तो हम तो इन लैला मजनू की प्रेम कहानी में ही दबके रह गए थे। ” , कहकर हसने लगा , “हा,,,,,हा,,,,,, हा,,,,,”, और अपने दाँत दिखाते हुए खड़े होकर बोला, “फाइनली आन्या मिशन पूरा हुआ। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,, हिप हिप हुर्रे”

“तुझे एक पेग में ही चढ़ गयी हैं क्या , शांति से बैठ जा,,,,,,,,,,,,,,,,,”, इन्दर ने उसे वापिस सीट पर नीचे की और खींचते हुए कहा।

तभी ये सब शोर सुनकर मानव की नजर इन्दर पर पड़ती हैं तो वो इन्दर को पहचान जाता हैं और धीरज को साथ लेकर उन लोगो की सीट की ओर बढ़ता हैं।

“हेलो , इन्दर, कैसे हो अब,,,,,”, उन लोगो के पास पहुंच कर मानव ने कहा तो सबने चौक कर उसकी ओर देखा।
मानव को वहां देखकर संध्या की आँखें तो खुली की खुली रह गयी , “ये जानता हैं क्या भाई को ? वाह तेरी तो निकल पड़ी संध्या,,,”, सोचकर संध्या मन ही मन मुस्कुरा उठी।

इन्दर ने जब मानव को देखा तो उठकर उससे हाथ मिलाते हुए बोला, “अरे वाह मानव तुम यहाँ ,,,, बहुत सही मौके पर आये हो ,,,,,,आओ तुम भी हमको ज्वाइन करो ,,,,”
मानव मुस्कुराते हुए , “येह व्हाई नॉट,,,,,”, कहकर वही चेयर्स पर बैठ जाता है और अपने दोस्त धीरज का परिचय उन सबसे करवाता हैं,,,,इन्दर भी अपने सब दोस्तों का परिचय मानव से करवाता हैं।

“नाउ मीट टू माय सिस्टर संध्या”, इन्दर ने संध्या की ओर इशारा करते हुए कहा तो मानव मुस्कुराते हुए संध्या की तरफ हाथ बढ़ाते हुए बोला , “हेलो मिस अकड़ू , कैसी हैं आप , सोचा नहीं था आपसे इतनी जल्दी दुबारा मुलाक़ात हो जाएगी। “
संध्या ने मुस्कुराते हुए मानव से हाथ मिलाया।
“अरे तुम जानते हो क्या एक दूसरे को पहले से ?”, मानव की बात सुनकर इन्दर ने पूछा तो मानव बोला ,
“जी , जानते तो नहीं मगर एक बार पहले मिल चुके हैं , तब मुझे नहीं पता था कि ये आपकी बहिन हैं , लिफ्ट दी थी मैंने इनको मनाली तक “, मानव ने स्टाइल मारते हुए कहा।

“वाओ , ग्रेट,,,, ये तो कमाल हो गया मतलब हम भाई बहिन दोनों के लिए ही आप रहनुमा बन कर आये मनाली में ,,,,,वैसे आपका बहुत बहुत शुक्रिया,,,,,”, इन्दर ने कहा तो संध्या प्रश्न भरी नजरो से इन्दर को देखने लगी। तब इन्दर संध्या से बताता हैं कि, “मिस्टर मानव ही वो बन्दे हैं जिन्होने एक्सीडेंट होने पर मेरी जान बचाई थी। अगर ये नहीं होते तो मुझे कुछ भी हो सकता था। “

“अरे कम्मोन यार , इतनी भी तारीफ मत करो मैं तो यू ही पहुंच गया था वहां,,,,,”, मानव ने मुस्कुराते हुए कहा।

इन्दर की बात सुनकर संध्या मानव से और भी ज्यादा इम्प्रेस हो जाती हैं और सबकी आँखें बचाते हुए उसे दुबारा से नजर भर देखती हैं और फिर मुस्कुराकर नज़रे झुका लेती हैं।
“क्या हुआ ?,,,,,”, उसको मुस्कुराता देख इन्दर इशारे से संध्या से पूछता हैं तो संध्या इशारे से ना में सर हिला देती हैं , “कुछ नहीं ,,,,”
और फिर सब पूरी मस्ती के शुमार में खो जाते हैं।

अब तक रेस्टोबार का माहौल बहुत रंगीन हो चुका था , चारो तरफ डीजे की लाइट्स , शोर करते नौजवान और वहाँ की हवा में घुलता तेज संगीत किसी के भी पैरो को थिरकाने के लिए काफी था।
तभी इन्दर के मोबाइल पर आन्या का फ़ोन आता हैं तो तेज आवाज के कारण वो फ़ोन अटेंड करने बाहर की ओर चला जाता हैं।
रवि और आलिया थिरकते हुए डीजे पर पहुंच जाते हैं।।।।।
धीरज भी मीता को डांस के लिए रिक्वेस्ट करता हुआ अपना हाथ उसकी और बढ़ाता हैं तो मीता भी धीरज के साथ डांस करने डीजे पर पहुंच जाती हैं।।।।

पीछे रिमिक्स म्यूजिक चला रहा हैं।।।।।।। “मेरे मेहबूब क़यामत होगी ——“

मैंने ओ सनम तुझे प्यार किया
तूने ओ सनम मुझे धोखा दिया
मुझको बता क्यों
मैंने ओ सनम तुझे प्यार किया
करी जो वफ़ा मुझे धोखा मिला
धोखा मिला क्यों

मेरे मेहबूब क़यामत होगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
आज रुसवा तेरी गलियों में मुहोब्बत होगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मीता भी शैतानी में डांस करते करते धीरज को कभी इधर तो कभी उधर खींच रही हैं। पहले तो धीरज कुछ नहीं कहता मगर फिर वो भी मीता को कमर से पकड़ कर अपनी और खींच लेता हैं , मीता की नजर धीरज से टकराती हैं।।।।। और फिर आँखों ही आँखों में कुछ अलग एहसास होता हैं और मीता की नजरे झुक जाती हैं और होंठो पर एक मुस्कराहट आ जाती हैं।
इधर रवि आलिया के साथ थिरक रहा हैं ।।।
सीट पर अब बस मानव और संध्या बैठे हैं।।
कुछ देर दोनों चुपचाप बैठे रहते हैं।।।।।।

मेरी नजरे तो गिला करती हैं
तेरे दिल को भी सनम
तुझसे शिकायत होगी

मेरे मेहबूब क़यामत होगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
आज रुसवा तेरी गलियों में मुहोब्बत होगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मानव – “आप,,,,,”
संध्या (उसी समय )- “आप ,,,,,”
दोनों एक साथ बोल पड़ते है।,,,,ओर फिर दोनों एक दूसरे को देखकर हंस पड़ते हैं ,,,,,
संध्या (हसते हुए ) – “पहले आप कहिये ,,,,,”
मानव (मुस्कुराते हुए संध्या की तरफ हाथ बढ़ाते हुए ) – “आप मेरे साथ डांस करेंगी ?”
संध्या हाँ में सर हिलाती हैं ओर फिर अपना हाथ मानव के हाथ में रख देती हैं।
मानव संध्या को लेके डीजे फ्लोर पर ,,,,,,,,,,

दस दस दस मेरे यार

कदो किता झूठा प्यार
तू लेगी सड्डी जींद सानु कित्ता बर्बाद
साड्डे जेहे मुडेयानु दासनि जे बात हैं
दिल्ली दी ये कुड़िया ये
बड़ी बदमाश हैं साली बड़ी बदमाश हैं
सोना सोना मंगदी ये सोना

मानव का हाथ संध्या की कमर पर हैं और संध्या का हाथ मानव के कंधे पर।।। दोनों को इतना अच्छा डांस करते देख और बाकि लोग धीरे धीरे साइड होने लगते हैं।।।।।
अब फ्लोर पर बस मानव और संध्या ही हैं , उनकी ट्विनिंग देखने लायक हैं , सब लोग क्लैप करने लगते हैं और वो दोनों डांस में मगशूल हैं।

यारो सोना चांदी मगदी हैं
नजरा ये अपनीया कैश उत्थे रखदिये
थोड़ी होये केयर विच थोड़ा होव प्यार
मगदिया ये कुड़िया,,,,या,, बस
लक्ज़री कार बस लक्सरी कार
दिल्ली दी कुड़िया दी एक खास बात हैं
३ ४ बॉयफ्रेंड हैं , हैं भी ये आम
बात है ये भी आम बात हैं
छड्डा एक यार तो दूजा तैयार
मेरी तरह तू भी आहे भरे
तू भी किसी से प्यार करे

“आप तो काफी अच्छा डांस कर लेती हैं “, मानव ने संध्या के बेहद करीब जाकर धीरे से कान में कहा तो संध्या अंदर तक सिहिर गयी , उस टाइम उसे समझ ही नहीं आया क्या कहे तो मुस्कुराकर नजरे झुका ली।
मानव संध्या को हाथ पकड़कर चारो और घुमा देता हैं और फिर थोड़ा नीचे को झुककर उसकी ओर झुकता हैं , दोनों की नजरे जब जब टकराती हैं तो संध्या की बेचैनियां बढ़ने लगती हैं , जब जब मानव संध्या को छूता हैं तो संध्या के पूरे बदन में एक करंट सा दौड़ जाता हैं।

तूने ओ सनम, ढाये है सितम
तो ये तू भूल ना जाना
के ना तुझपे भी इनायत होगी
आज रुसवा तेरी गलियों में मुहोब्बत होगी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मेरे मेहबूब क़यामत होगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
आज रुसवा तेरी गलियों में मुहोब्बत होगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

कहा तो कल तक  संध्या मानव के ख्यालो में गुम थी और कहा आज उसके साथ डांस कर रही हैं , मानव के इतना करीब होने का तो उसने सपने में भी नहीं सोचा था।

मानव की नजर खोई खोई संध्या पर पड़ी तो उसने भोये उचकाकर इशारे से पूछा ,”क्या हुआ ?”, तो संध्या उत्तर में “ना” में सर हिला कर बस मुस्कुरा दी। चारो तरफ क्लैपिंग्स हो रही थी और उनके बेहतरीन डांस की तारीफ।।
और फिर संध्या अपना हाथ छुड़ाते हुए शरमाकर वापिस अपनी सीट पर आ बैठी।

“क्या हुआ संध्या , आप तो डांस के बीच से ही आ गयी,,,,,,”, मानव भी वापिस सीट पर आकर बैठते हुए बोला।

मेरे मेहबूब क़यामत होगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
आज रुसवा तेरी गलियों में मुहोब्बत होगी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

“जी , कुछ नहीं बस थोड़ा थक गयी थी ,,,,”, संध्या ने अपने मन की भावनाओ को छुपाते हुए बात बदलते हुए कहा।
फिर धीरे धीरे बाकि सब भी आकर वापिस बैठ जाते हैं।।।।।

इधर अब मीता और धीरज के दिलो के हालत भी कुछ अलग ही थे मगर एक दूसरे से अनजान थे और छुपी छुपी नजरो से एक दूसरे को देख रहे थे।

मानव को भी संध्या के दिल के हालातो का जरा भी अंदाजा नहीं था , और ना ही उसे ये आभास था कि आन्या के जिस प्यार के बारे में पता लगाने के लिए उसने धीरज को बोला हैं वो इन्दर ही हैं।

उधर इन्दर बाहर आन्या से फ़ोन पर बातें कर रहा था।
“तुमको बहुत मिस कर रहा हूँ आन्या , काश तुम भी यहाँ होती ,,,,”, इन्दर ने प्यार जताते हुए कहाँ तो आन्या मुस्कुराकर बोली , “हम्म, सच में या यू ही बस बातें बना रहे हैं आप”

“तुमको यकीन नहीं तो लो मेरे दिल की धड़कनो से ही पूछ लो,,,,,,,,”, इन्दर ने अपना हाथ अपने दिल के करीब लगा कर बोला।
“बस बस , यकीन हैं पूरा ,,,,”, आन्या ने खिलखिलाते हुए कहाँ।

“लो तुम तो हंस रही हो , मैं मजाक नहीं कर रहा सच्ची ,,,,तुम यहाँ होती ना मेरे करीब अभी, तब बताता तुमको,,,,,,, “, इन्दर ने रोमांटिक होते हुए कहाँ।

“क्या ? ,क्या बताता,,,”, आन्या ने शरमाते हुए पूछा।
“यहीं के तुमको कितना मिस कर रहा हूँ मैं ,,,,,”, इन्दर ने तिरछा मुस्कुराते हुए शरारती अंदाज में कहा।

“हम्म , और आज ही संध्या से भी मिल लेती मैं , हैं ना “, आन्या ने बातो को मोड़ते हुए कहाँ तो इन्दर हसने लगा , “बहुत चालक हो तुम हर बार बच के निकल लेती हो , एक बार शादी हो जाने दो फिर देखता हूँ कैसे निकलोगी मेरे चंगुल से ,,,,,,”, इन्दर ने भोये चढ़ाते हुए मुस्कुराके शरारती अंदाज में कहा तो आन्या फिर से खिलखिला उठी, “अच्छा जी ,,,,,देखेंगे।।।।।। “, आन्या ने बाते बनाते हुए कहा।

फिर बातो ही बातों में इन्दर उसे बताता हैं कि यहाँ उसे उसके कुछ नए दोस्त भी मिल गए हैं और उन्ही के साथ पार्टी चल रही हैं तो आन्या इन्दर से उसके नए दोस्तों के बारें में पूछने लगती हैं।

“नए दोस्त कौन ? यहाँ कौन से नए दोस्त बन गए आपके, हम्म , आप तो यहाँ रहते भी नहीं हैं ,,,,”, आन्या ने इन्दर से पूछा तो इन्दर हसकर बोला , “अरे हाँ मैं यहाँ नहीं रहता मगर दोस्त तो कही भी बन सकते हैं ना। “
“तुमको याद हैं मैंने तुमको बताया था कि जब मेरा एक्सीडेंट हुआ था तो एक अनजान बंदा मुझे अपने फार्महाउस पर ले गया था और उसी ने मेरी जान बचाई थी , ये वही दोस्त हैं। मिस्टर मानव ,,,,,,,” , इन्दर ने मुस्कुराते हुए आन्या को याद दिलाते हुए कहा।

मानव का नाम सुनकर एक पल को तो आन्या के होश ही उड़ जाते हैं फिर थोड़ा परेशान होकर पूछती हैं , “कौन मानव ? कहाँ से हैं और उनका पूरा नाम क्या हैं ?”

“अरे तुम क्यों ऐसे छानबीन कर रही हो “, इन्दर ने संदेहात्मक तरीके से पूछा तो आन्या अपनी परेशानी छुपाते हुए थोड़ा सामान्य होते हुए बोली , “अरे , नहीं नहीं बस ऐसे ही पूछ रही हूँ …….(फिर नकली हंसी के साथ बोली ) एक्साईटेड हो गई थी…  “, आन्या ने बाद बदली…..

“अरे मिस्टर मानव बहुत अच्छे बन्दे हैं , मेरी तो मदद की ही साथ ही साथ उस दिन संध्या की गाड़ी ख़राब होने पर उसे होटल तक लिफ्ट देकर पहुंचाने वाले भी ये ही थे,,,,,,सीरियसली , सच अ नाइस मैन,,,,,,,, “, इन्दर ने मुस्कुराकर मानव की तारीफ करते हुए कहा।
“चलो अब तुम आराम करो मैं भी अंदर जाता हूँ वरना सब सोचेंगे कि हमको यहाँ छोड़कर ये कहाँ गायब हो गया ।।।।।।
इन्दर ने मुस्कुराकर कहा।

“अपना ध्यान रखना , आराम करना , बाय! माय लव , लव यू ,,,,,,”, कहकर इन्दर फोन रख देता हैं और अंदर चला जाता हैं।

इन्दर तो अंदर चला गया मगर जाते जाते आन्या को एक और नई टेंशन दे गया।।।। आन्या बेहद परेशान हैं और बेचैनी से इधर उधर कमरे में टहल रही हैं।

“हे भगवान आप मेरी जिंदगी कब आसान करोगे ,,,,,, रोज कोई ना कोई नई परेशानी चली आती हैं मेरी तरफ ,,,,,,अब ये मानव कौन मिल गया इन्दर को ,,,,,,अब ये मानव आर्य ना हो बस ,,,,,,”, (आन्या मन ही मन बड़बड़ाई )

क्रमशः

-Ruchi Jain

🤩🤩 likes and comments ki prateeksha rahegi…..🥰

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